मां का जन्मदिन।
मैं अभय चतुर्वेदी। ब्लॉग पर अपनी आत्म अभिव्यक्ति व्यक्त कर रहा हूं। कृपया मेरा उत्साह वर्धन करें। पहली कविता अपनी मां के लिए प्रेषित है।
माँ ( कविता)
मां शब्द करुणा भरा है
बोलकर आनंद आता है
सब लिखते इस विषय पर कविता
तो आज हम भी बन गए रचयिता
यह वही जननी है जो
जन्म देती एक बालक को
पाल पोस कर बनाती महानायक
मां से जीवन है सुखदायक
कुछ बालक ऐसे होते हैं
जिनपर आता क्रोध मुझे
अपनी मां से कहते जो है
बिना कुछ सोचे समझे
पता नहीं ऐसे बालक को
मिलती कहां से ऐसी भावना
पालती है जिसे जो
बिना स्वार्थ की भावना
इस विषय पर कोई भी तो
लिखने में समर्थ है हजारों पन्ने
क्योंकि यह वही मां है जो
लिखती ममता के सहस्त्रो पन्ने
छोटा गणेश
बहुत ही सुंदर,कमाल कर दिया अभय तुमने ।
ReplyDeleteअति उत्तम! अपने मां के जन्मदिन पर बहुत ही अच्छी कविता लिखी है।
ReplyDeleteअति उत्तम
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